फिर उस शरीर को त्याग कर उसने सदाचार संपन्न योगियों के पवित्र कुल में ब्राह्मण रूप में …
भरत का चरित्र वर्णन श्री मैथिली जी बोले हे भगवान आपने मुझे यह तो बता दिया कि यह संपूर्…
राहु का रथ मटीली धूसर वन का है उसमें ब्रह्म के समान कृष्ण वर्ण के आठ घोड़े जुते हुए है…
नौ ग्रहों का वर्णन तथा लोक अंतर संबंधित व्याख्यान का उपसंहार श्री पाराशर जी बोले है मै…
सूर्य शक्ति एवं वैष्णो शक्ति का वर्णन श्री मैत्री जी बोले हे भगवान आपने बताया कि पूरे …
द्वादश सूर्य के नाम एवं अधिकारियों का वर्णन श्री पाराशर जी बोले आरो एवं अवरोह के द्वार…
ज्योतिष शास्त्र एवं शिशुमार चक्र श्री पाराशर जी बोले हैं मैथिली आकाश में प्रभु श्री हर…
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