जो सर्वस्त्र आसक्त बुद्धि है पुत्र स्त्री आदि जो सत्य के स्थान है उन सब में जिसका अंतर…
बेसिक मत वादी अभाव का संबंध नहीं मानते हुए तुम भाव रूप दायरोक आदि द्रव्यों का ही अपने …
यहां यह विचार करना चाहिए कि क्या कर्मों आवश्यकता त्याग होना संभव है इसलिए उसका त्याग न…
कर्माधिकारी मनुष्य उक्त लक्षणों वाले अपने-अपने कर्मों में अभी रात तात्पर्य हुआ संघ सहि…
है पर तप ब्राह्मण क्षत्रिय और वैश्य इन तीनों के और सूत्र के भी कर्म विभक्ति किए हुए है…
जिस घृत के द्वारा मनुष्य स्पर्श निद्रा भाई ट्रांसपोर्ट दुख मौत को नहीं छोड़ता अर्थात व…
जो करता आयुक्त है जिसका चरित्र संबंध नहीं है जो बालक के समान प्राकृतिक अतः संस्कारहीन …
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