विशुद्ध कपट रहित निश्चय आत्मिक बुद्धि से संपन्न पुरुष धैर्य से कार्य कारण के संघट रूप …
इंडियन विषयकर होता है परंतु आत्मा ना तो कहीं भी विषय माना जाता है और ना जाकर वहां ही ह…
जो सर्वस्त्र आसक्त बुद्धि है पुत्र स्त्री आदि जो सत्य के स्थान है उन सब में जिसका अंतर…
बेसिक मत वादी अभाव का संबंध नहीं मानते हुए तुम भाव रूप दायरोक आदि द्रव्यों का ही अपने …
यहां यह विचार करना चाहिए कि क्या कर्मों आवश्यकता त्याग होना संभव है इसलिए उसका त्याग न…
कर्माधिकारी मनुष्य उक्त लक्षणों वाले अपने-अपने कर्मों में अभी रात तात्पर्य हुआ संघ सहि…
है पर तप ब्राह्मण क्षत्रिय और वैश्य इन तीनों के और सूत्र के भी कर्म विभक्ति किए हुए है…
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