जो मनुष्य या जीव वित्त अवस्था में ही शरीर छूटने से पहले पहले अर्थात महाराणा उपरांत काम…
प्रिय वस्तुओं को प्राप्त करके तो हर्षित ना हो अर्थात ईस्ट वास्तु प्रकार तो हर्ष ना मान…
पीपल सर्वव्यापी परमात्मा किसी भक्त के बाप को भी ग्रहण नहीं करता और भक्तों द्वारा अर्पण…
वासी जितेंद्र पुरुष समस्त कर्मों को मानने से छोड़कर अर्थात नित्य नियम नित्य कर्म और नि…
देखता सुनता छोटा सूंघता खाता चला सोता सांस लेता बोलना त्याग करता ग्रहण करता तथा आंखों …
संख्या योगो द्वारा अर्थात ज्ञान निष्ठा आयुक्त सन्यासियों द्वारा जो मोक्ष नमक स्थान प्र…
आप पहले तो सहस्त्र उपयुक्त बहुत प्रकार के अनुष्ठान रूप कर्मों का त्याग करने के लिए कहत…
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