शंकर जी का यानी पीठ कामरूप कामाख्या में जाकर तपस्या करना जगदंबा द्वारा प्रगट होकर सीख …
देवी जी बोली प्रभु विष्णु जगन्नाथ आप ऐसा आदि करें तभी जगत की रक्षा होगी नहीं तो पारले …
श्री महादेव जी बोले इस प्रकार स्तुति करने पर महादेवी ने देवताओं के भी साथ और शिव की भी…
त्रिदेवों द्वारा जगदंबिका की स्तुति करना देवी का भगवान शंकर को पार्वती रूप में होना प्…
इस प्रकार यज्ञ की विनिश्ड हो जाने पर ब्रह्मा जी कैलाश पर्वत पर गए और भगवान शिव को प्रा…
प्रभु हम लोग देवाधि देव शिव के द्वारा भेजे गए प्रथम गण है हम शिव को अपमानित करने वाले …
सती की याकुंड प्रवेश का समाचार सुनकर भगवान शंकर का शौक से बिहार होना उसके तृतीय नेत्र …
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