हे थिस श्रेष्ठ जो भी वस्तुएं मनुष्य को अत्यंत प्रिय है हुए सभी उनके मुख्याओं का कारण ब…
इस तरह जीव उत्पन्न होने के समय और उसके पश्चात बलिया अवस्था में आने को तरह के कष्ट झेलत…
आध्यात्मिक आदि त्रिविध तापों का वर्णन तथा भगवान के पर पारमार्थिक स्वरूप का वर्णन श्र…
न्यू नासिक से रहित जो सातवा आदि तीनों गुण की शामिया व्यवस्था है उसी को प्राकृतिक कहते …
प्राकृतिक प्रलय का वर्णन श्री पाराशर जी बोले है मनी जब वर्षा का जल सप्त ऋषियों के स्था…
फिर रूद्र रूप धारी अवतमा प्रभु श्री हरि विष्णु जी संसार का छह करने के लिए समस्त प्रजा …
निमेषादि काल मान तथा नैमितिक पलय का वर्णन श्री पाराशर जी बोले समस्त प्राणियों का प्रलय…
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